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त्रिविमीय रसायन
Stereochemistry
कार्बनिक यौगिकों की संरचनाएँ त्रिविमीय होती है| कार्बनिक यौगिकों /अणुओं के अन्दर परमाणुओं के सापेक्षिक स्थिति एवं उनके प्रभावों के अध्ययन को त्रिविमीय रसायन कहते हैं। त्रिविम रसायन में त्रिविम समावयों का अध्ययन किया जाता है।
त्रिविम रसायन : सममिति के तत्वों के अवांछनीय अधिक्य द्वारा उत्पन्न तनाव, काइरेलिटी, एक से अधिक काइरल केन्द्र युक्त अण, श्रीयो एवं इरीथिओ समावयवता, विभेदन (रिजाल्यूशन) की विधियों प्रकाशिय शुद्धता, एनेन्शीयोटॉपिक एवं डाईस्टीरीयोटॉपिक परमाण (अप्रतिबिम्बिस्वशिखरीय, द्वित्रिविमिय शिरवरीय परमाणु) समूह एव फलक स्टीरयोस्पेसीफिक एवं स्टीरियोसिलेक्टीव सश्लेषण, असमति सश्लेषण, काइरल कार्बन की अनुपस्थिति में प्रकाशिक सक्रियता (बाइफिनाइल्स एलेनिन्स एवं स्पाइरेन्स) हेलिक्सः आकृति के कारण काइरेलिटी. नाइट्रोजन, सल्फर फास्फोरस, युक्त यौगिकों का त्रिविमिय रसायन।